विदिशा जिले के नटेरन विकासखण्ड के ग्राम खेराई निवासी किसान श्री महेंद्र सिंह रघुवंशी, पिता श्री कमर सिंह रघुवंशी, लंबे समय से कृषि कार्य से जुड़े हैं। खेती ही उनकी आजीविका का प्रमुख आधार है। वर्षा आधारित खेती होने के कारण पर्याप्त सिंचाई सुविधा का अभाव उनके सामने बड़ी चुनौती रहा। पानी की उपलब्धता सीमित होने से वे वर्ष के सभी कृषि मौसमों में फसल लेने में सक्षम नहीं थे।
बलराम तालाब योजना बनी उम्मीद की नई किरण
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा संचालित बलराम तालाब योजना के अंतर्गत श्री महेंद्र सिंह रघुवंशी को खेत में तालाब निर्माण का लाभ प्राप्त हुआ। योजना के तहत तालाब निर्माण पर शासन द्वारा 40 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया गया।
खेत में तालाब बनने से अब वर्षा के दौरान प्राप्त पानी को संग्रहित कर आवश्यकता के समय सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सकेगा। इससे किसान की सिंचाई समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हुआ है। जल संग्रहण की सुविधा विकसित होने से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और वर्षा पर निर्भरता भी कम होगी।
तीनों कृषि मौसमों में फसल लेने की तैयारी
बलराम तालाब के निर्माण से उत्साहित किसान श्री महेंद्र सिंह रघुवंशी अब अपने खेत का वर्षभर बेहतर उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य आगामी समय में तीनों कृषि मौसमों में फसल उत्पादन करना है।
खरीफ मौसम: धान, रबी मौसम: गेहूं एवं चना, जायद मौसम: उड़द एवं मूंग की फसल सुगमता से ले पा रहे हैं।
तालाब में संग्रहित वर्षा जल का सिंचाई के लिए उपयोग होने से फसलों को आवश्यकता के समय पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे खेती का रकबा एवं फसल विविधता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कृषि उत्पादकता और आय बढ़ने की उम्मीद
पहले जहां पानी की कमी के कारण किसान को वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब खेत में जल संग्रहण की सुविधा उपलब्ध होने से कृषि कार्य को अधिक व्यवस्थित ढंग से करने का अवसर मिला है। तीनों मौसमों में फसल लेने से खेत की उपयोगिता बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन और भविष्य में कृषि आय में वृद्धि की संभावना है।
बलराम तालाब योजना किसान के लिए केवल सिंचाई सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
किसान की जुबानी —“ अब खेती के लिए नई उम्मीद बनी है ”
किसान श्री महेंद्र सिंह रघुवंशी बताते हैं कि पहले पानी की समस्या के कारण खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर रहती थी। बलराम तालाब योजना के माध्यम से खेत में तालाब निर्माण का लाभ मिला और शासन से 40 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ। अब वर्षा जल को खेत में संग्रहित कर आवश्यकता के समय सिंचाई के लिए उपयोग किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वे खरीफ में धान, रबी में गेहूं एवं चना तथा जायद में उड़द एवं मूंग की फसल लेने का प्रयास करेंगे। तालाब निर्माण से उनकी सिंचाई समस्या के समाधान की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
जल संरक्षण से समृद्धि की ओर बढ़ता किसान
बलराम तालाब योजना के माध्यम से खेत में जल संग्रहण एवं सिंचाई की सुविधा विकसित होने से श्री महेंद्र सिंह रघुवंशी की खेती को नई दिशा मिली है। योजना के लाभ से अब वे वर्ष के तीनों कृषि मौसमों में फसल उत्पादन की ओर अग्रसर हैं। खेत में वर्षा जल का संरक्षण, किसान की खेती को अधिक सुरक्षित, उत्पादक और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।खेत में पानी का भंडारण, किसान के भविष्य की समृद्धि का आधार।


