टीकमगढ़ जिले के विकासखण्ड पलेरा के ग्राम रामनगर बुजुर्ग की श्रीमती सगुन अहिरवार का परिवार पहले खेती और मजदूरी पर निर्भर था। खेती की जमीन कम होने के कारण परिवार की आय सीमित थी और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनाई होती थी।
आजीविका मिशन के अंतर्गत गांव में स्व-सहायता समूहों के गठन के दौरान श्रीमती सगुन अहिरवार राधा रानी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं।
समूह की बैठकों और क्षमतावर्धन गतिविधियों में सहभागिता से उनके कौशल में निखार आया।
स्व-सहायता समूह से सविता कुशवाहा ने संवारा बागवानी और पशुपालन…
टीकमगढ़ जिले के विकासखण्ड जतारा के ग्राम लिधौरा ताल की श्रीमती सविता कुशवाहा का जीवन कभी सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों से घिरा हुआ था। परिवार के भरण-पोषण का प्रमुख साधन कृषि था, लेकिन इससे पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती थी।
ऐसे समय में स्व-सहायता समूह से जुड़ाव उनके लिए आजीविका के नए अवसर लेकर आया।
श्रीमती सविता कुशवाहा वर्ष 2022 में सिद्ध बाबा स्व-सहायता समूह से जुड़ीं।
कलेक्टर ने किया मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कराहल का निरीक्षण
कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा आज आदिवासी विकासखण्ड मुख्यालय कराहल स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कराहल का निरीक्षण करते हुए हेचरी सहित ब्रीडर पॉन्ड आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कार्तिकेय जायसवाल भी उपस्थित रहें।
मत्स्य बीज प्रक्षेत्र पर विभिन्न प्रजातियों के पर्याप्त संख्या में स्पॉन उपलब्ध है।
मत्स्य बीज प्रक्षेत्र कराहल लगभग 14.87 हेक्टयर एरिया में स्थापित है, जहां पर मत्स्य बीज उत्पादन होता है।
अंकित ने शुरू किया मोटर पार्ट्स एवं रिपेयरिंग का व्यवसाय
अंकित बताते हैं कि वर्ष 2024 में उनकी पढ़ाई का अंतिम चरण चल रहा था।
उनके पिता श्री अरुण कुमार जायसवाल ने उन्हें सलाह दी कि आगे की पढ़ाई और करियर की शुरुआत में अभी कुछ समय है, इसलिए इस दौरान कोई व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।