प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ग्रामीण क्षेत्र के छोटे उद्यमियों के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खोल रही है। दतिया जिले के भाण्डेर विकासखंड के ग्राम सहादुईदीनपुर निवासी श्री मुकेश कुमार ने इस योजना का लाभ लेकर कृषि के साथ खाद्य प्रसंस्करण को अपनाया और अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। योजना से जुड़ने से पहले श्री मुकेश कुमार गेहूं एवं चना की खेती करते थे।

खेती से उन्हें लगभग 75 क्विंटल उत्पादन प्राप्त होता था, जिससे करीब 65 हजार रूपये की आय होती थी। उनकी शुद्ध वार्षिक आय लगभग 2 लाख रूपये थी। आय बढ़ाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना का लाभ लिया।

योजना के अंतर्गत ऑयल एवं फ्लोर मिल इकाई स्थापित करने के लिए उन्हें 21.60 लाख रूपये का ऋण स्वीकृत हुआ तथा 8.40 लाख रूपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। नई इकाई के माध्यम से मुकेश कुमार अब प्रतिवर्ष लगभग 150 क्विंटल तक खाद्य प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार कर रहे हैं।

व्यवसाय के विस्तार से उनकी कुल वार्षिक आय लगभग 26 लाख रूपये तक पहुंच गई है, जबकि वर्तमान में उनकी शुद्ध वार्षिक आय लगभग 11 लाख रूपये है। मुकेश कुमार की यह सफलता बताती है कि कृषि उपज को केवल बेचने के बजाय उसका मूल्यवर्धन एवं प्रसंस्करण कर ग्रामीण युवा और किसान अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ने उन्हें खेती के साथ खाद्य प्रसंस्करण को जोड़कर स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। धानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से मिली सहायता के लिए श्री मुकेश कुमार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया