ग्राम पंचायत पाठरी की रहने वाली बती आदिवासी और उनके पति खलक आदिवासी के लिए अपना पक्का घर होना लंबे समय से एक सपना था। सीमित संसाधनों के बीच परिवार कच्चे मकान में जीवन-यापन कर रहा था। बारिश, गर्मी और मौसम की अन्य कठिन परिस्थितियों के बीच परिवार को सुरक्षित आवास की आवश्यकता हमेशा महसूस होती थी। वर्ष 2023-24 में बती आदिवासी के आवास को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृति मिली।

योजना के माध्यम से पक्का आवास पूर्ण होने के बाद परिवार को न केवल सुरक्षित और मजबूत छत मिली, बल्कि वर्षों से देखा जा रहा अपने घर का सपना भी साकार हुआ। पक्का आवास मिलने के साथ ही बती आदिवासी के परिवार को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिला। घर में बिजली, शौचालय, उज्ज्वला योजना और नल-जल योजना जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हुईं।

बिजली से घर रोशन हुआ, शौचालय की सुविधा से स्वच्छता और गरिमा बढ़ी तथा नल-जल योजना से घर तक पानी पहुंचने से पेयजल के लिए होने वाली परेशानियों से राहत मिली। इन योजनाओं के समन्वित लाभ ने बती आदिवासी के परिवार के जीवन को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाया है। अब परिवार अपने पक्के घर में निश्चिंत होकर जीवन व्यतीत कर रहा है।

बती आदिवासी कहती हैं की पक्का घर मिलने से हमारा वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। घर के साथ बिजली, शौचालय और नल से पानी जैसी सुविधाएं भी मिलीं। अब हमारा परिवार पहले से अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक जीवन जी रहा है। शासन की योजनाओं ने हमारे जीवन में नई खुशियां लाई हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं के लिए बती आदिवासी और उनका पूरा परिवार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित कर रहा है।

सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया