छिंदवाड़ा के शासकीय आदिवासी महिला आईटीआई में छात्राओं ने रंगों, शब्दों और विचारों के जरिए अपने सपनों के भारत की तस्वीर पेश की। 23 सितंबर को ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं में राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था।

स्वच्छता से आत्मनिर्भरता तक रखे विचार

प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने स्वच्छ, आत्मनिर्भर, शिक्षित, विकसित और सशक्त भारत की परिकल्पना सामने रखी। चित्रकला में उन्होंने रंगों के माध्यम से देश के उज्ज्वल भविष्य को दर्शाया।

भाषण और निबंध में राष्ट्र निर्माण, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषय प्रमुख रहे। छात्राओं ने इन मुद्दों पर अपने विचार और कल्पनाएं लेखन व संबोधन के रूप में प्रस्तुत कीं।

कौशल को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा

संस्था के प्राचार्य दिनेश कुमार ने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ बेहतर, समृद्ध और विकसित देश बनाने के नागरिक संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा और कौशल के सहारे आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधीक्षक नलिन तिवारी, रविकांत सोनी, प्रशिक्षण अधिकारी और संस्थान का स्टाफ उपस्थित रहा। आयोजन में संस्था के अधिकारी-कर्मचारियों ने सहयोग किया।