लालबर्रा विकासखंड के ग्राम रटेगांव की श्रीमती खेमलता बिसेन के लिए आजीविका मिशन से जुड़ना आर्थिक और सामाजिक बदलाव की नई शुरुआत साबित हुआ। कृषि भूमि नहीं होने और परिवार की आय के लिए पति के राजमिस्त्री कार्य पर निर्भरता के बीच खेमलता ने वर्ष 2019 में स्व-सहायता समूह से जुड़कर बकरी पालन को अपनी आजीविका का साधन बनाया।
मेहनत और निरंतर प्रयास से आज वे लखपति दीदी बनने की राह पर हैं।खेमलता बिसेन कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह रटेगांव से 4 फरवरी 2019 को जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्हें बचत और आर्थिक सहयोग का अवसर मिला। सीआईएफ से प्राप्त एक लाख रुपये की सहायता का उपयोग उन्होंने बकरी पालन गतिविधि को आगे बढ़ाने में किया। इस व्यवसाय से उनकी वर्तमान वार्षिक आय लगभग 1.30 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
समूह से जुड़ने से पहले खेमलता की व्यक्तिगत मासिक आय करीब 1,500 रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 5 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है। वहीं परिवार की मासिक आय भी करीब 7 हजार रुपये से बढ़कर 12 हजार रुपये तक पहुंची है।
आजीविका के साथ नेतृत्व की जिम्मेदारी
खेमलता केवल अपनी आजीविका गतिविधि तक सीमित नहीं रहीं। वे स्व-सहायता समूह एवं ग्राम संगठन की अध्यक्ष, सीएलएफ की कार्यकारिणी सदस्य, पीजी उद्यम सखी तथा वीपीआरपी सीआरपी के रूप में जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत में वीपीआरपी सर्वे के कार्य में भी सक्रिय भागीदारी की है। बकरी पालन के साथ वे संस्कार उत्पादक समूह से जुड़कर उद्यम सखी के रूप में भी कार्य कर रही हैं। इन गतिविधियों से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है और गांव की अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरित होकर प्रशिक्षण एवं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं।
आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही खेमलता
खेमलता बताती हैं कि आजीविका मिशन के समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर मिला। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में उनका सम्मान भी बढ़ा है। वे अपने परिवार के बेहतर रहन-सहन के साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।खेमलता बिसेन की कहानी बताती है कि स्व-सहायता समूह, वित्तीय सहयोग और मेहनत के साथ ग्रामीण महिलाएं अपनी आजीविका को मजबूत कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकती हैं। आज वे अपने गांव में अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं और लखपति दीदी बनने के लक्ष्य के करीब पहुंच गई हैं।



