बालाघाट जिले के खैरलांजी क्षेत्र में धान के कम अंकुरण और खरपतवारनाशक के अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने की शिकायतों की जांच शुरू हुई है। उप संचालक कृषि फूलसिंह मालवीय के निर्देश पर विभागीय दल ने संबंधित खेतों में फसल की स्थिति देखी और आवश्यक कार्रवाई के लिए पंचनामे तैयार किए।

चार गांवों के खेतों तक पहुंची टीम

कन्हारटोला में किसान राजेंद्र पिता फागु ढोके के खेत में सावा 127 फुल पेज धान की फसल देखी गई। खुर्सीपार में सुरेश कुमार मुड़े की शिकायत पर उस खेत का निरीक्षण हुआ, जहां दमाहे कृषि केंद्र खैरलांजी से खरीदे गए नविनो गोल्ड खरपतवारनाशक के उपयोग के बाद भी खरपतवार नष्ट नहीं होने की बात कही गई थी।

मानेगांव में रीना पटले के खेत में सावा 127 फुल पेज धान की जांच की गई। उनकी शिकायत कम अंकुरण और लंबी पौध के रूप में दिख रही दूसरी प्रजाति के धान के पौधे नष्ट नहीं होने से संबंधित थी।

बैजू मोहगांव में सुदाम जी और शुभम नगपुरे के सावा 134 फुल पेज धान वाले खेतों का निरीक्षण किया गया। यहां भी कम अंकुरण और दूसरी प्रजाति जैसी लंबी पौध नष्ट नहीं होने की शिकायत पर टीम ने मौके की स्थिति देखी।

दस्तावेज मिलने के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

जांच दल ने शिकायतकर्ता किसानों से आवेदन, ऋण पुस्तिका, सावा फुल पेज का पक्का बिल और खेत की तस्वीरें मांगी हैं। ये दस्तावेज वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय, खैरलांजी में जल्द जमा करने को कहा गया है, ताकि जांच और आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।

निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि राजेश कुमार खोब्रागड़े, कृषि महाविद्यालय मुरझड़-वारासिवनी के सहायक प्राध्यापक डॉ. उत्तम बिसेन, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सुनील बागड़े और खैरलांजी के प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.पी. मर्सकोले शामिल रहे।