नरसिंहपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने के इच्छुक किसानों के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की यह प्रक्रिया 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगी और जिले में 57 निःशुल्क पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।

छह तहसीलों में बनाए गए केंद्र

नरसिंहपुर तहसील में नरसिंहपुर, सिंहपुर, धमना, मुंगवानी पाठापिपरिया, गोरखपुर, बचई (करहैया) और मुर्गाखेड़ा के बी-पैक्स में पंजीयन होगा। करेली तहसील में सहकारी विपणन संस्था करेली के साथ करताज, करेली, केरपानी, आमगांवबड़ा, उमरिया, मोहद, कोसमखेड़ा, बघुवार, सगरी, सासबहू और राकई में सुविधा दी गई है।

गाडरवारा तहसील के सिहोरा, गाडरवारा, सीरेगांव, इमलिया सालीचौका, करपगांव, पलोहा, चारगांव, कौड़िया, सडूमर, मडेसुर, सूरना, हर्रई, छैनाकछार और सिल्हैटी बी-पैक्स को केंद्र बनाया गया है। सांईखेड़ा तहसील में आड़ेगांव, तूमड़ा, नांदनेर, मड़गुला और खुरसीपार में पंजीयन कराया जा सकेगा।

गोटेगांव तहसील में करकबेल, सूरवारी, श्रीनगर, इमलिया कामती, मेख, उमरिया, करेलीकला, लाठगांव, खमरिया, बढ़ैयाखेड़ा, सिवनीबधा, सालीबाड़ा और सिमरीबड़ी केंद्र हैं। तेंदूखेड़ा तहसील में तेंदूखेड़ा, डोभी, रमपुरा, काचरकोना, बिलहरा और सर्रा बी-पैक्स में सुविधा उपलब्ध रहेगी।

कियोस्क और साइबर कैफे में अधिकतम 50 रुपये शुल्क

एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर के कियोस्क, लोकसेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे में भी जरूरत के अनुसार पंजीयन केंद्र बनाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर एक पंजीयन के लिए अधिकतम 50 रुपये शुल्क तय किया गया है। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसान केवल सहकारी समिति के पंजीयन केंद्रों पर आवेदन कर सकेंगे।

आधार लिंक बैंक खाता और एग्रीस्टेक जरूरी

पंजीयन के समय आधार से जुड़ा बैंक खाता, समग्र आईडी और भूमि संबंधी दस्तावेज साथ रखने होंगे। सत्यापन बायोमेट्रिक या आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर मिलने वाले ओटीपी से किया जाएगा। एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान का पंजीयन भी अनिवार्य है।

एग्रीस्टेक आईडी में दर्ज खसरों का ही उपार्जन पंजीयन हो सकेगा और समिति स्तर पर अतिरिक्त खसरा जोड़ने की सुविधा नहीं होगी। छूटे हुए खसरे कॉमन सर्विस सेंटर, पटवारी या Farmer Registry MP मोबाइल एप के माध्यम से जुड़वाए जा सकते हैं। किसानों से सभी खसरे जुड़वाकर 10 अक्टूबर तक पंजीयन पूरा कराने को कहा गया है।