आगर मालवा जिले के गुराडिया देव गांव में परंपरागत खेती पर निर्भर श्याम यादव ने बकरी पालन को आय का नया जरिया बनाया है। उन्होंने नलखेड़ा विकासखंड में 58.31 लाख रुपये की लागत से 300+15 क्षमता वाली इकाई स्थापित की है।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन की उद्यमिता विकास योजना के तहत इस इकाई के लिए 29.14 लाख रुपये की अनुदान सहायता दी गई। शेष व्यवस्था विभागीय मार्गदर्शन और बैंक लिंकेज के माध्यम से की गई।
सीमित कृषि आय के बाद चुना स्वरोजगार
श्याम पहले परंपरागत कृषि पर निर्भर थे और सीमित आय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। पशुपालन विभाग से संपर्क के दौरान उन्हें योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने बकरी पालन का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
वैज्ञानिक तरीके से पालन, गांव में रोजगार
इकाई में वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन किया जा रहा है। दूध और मांस उत्पादन से श्याम को नियमित आय मिलने लगी है, जबकि स्थानीय स्तर पर दो लोगों को रोजगार भी मिला है।
श्याम के अनुसार, योजना की सहायता और पशुपालन विभाग के लगातार मार्गदर्शन से व्यवसाय सफलतापूर्वक चल रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।




