पीएम एकीकृत बागवानी विकास मिशन आधुनिक एवं संरक्षित खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिले के ग्राम सिवनी की श्रीमती अनिता पति श्री रामदास पाठे भी योजना से लाभान्वित होकर पॉलीहाउस में गुलाब की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।
श्रीमती अनिता पाठे ने बताया कि वे पहले सामान्य रूप से खेती करती थीं। खेती में लागत अधिक होने के बावजूद अपेक्षित आमदनी प्राप्त नहीं हो पाती थी। इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के संपर्क में आने पर उन्हें संरक्षित खेती के माध्यम से फूलों की खेती करने की जानकारी मिली। विभागीय मार्गदर्शन से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ष 2023-24 में अपने खेत पर 2 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित किया।
उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस निर्माण के लिए पीएम एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत उन्हें 9 लाख 25 हजार 600 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। पॉलीहाउस में उन्होंने गुलाब की टॉप सिक्रेट वैरायटी की खेती शुरू की। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग 800 गुलाब स्टिक का उत्पादन कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिदिन करीब 4 हजार से 4 हजार 500 रुपये तक की आमदनी प्राप्त हो रही है।
इसके साथ ही खुले क्षेत्र में गुलाब की पंखुड़ियों का भी प्रतिदिन लगभग 8 से 10 किलोग्राम उत्पादन हो रहा है। गुलाब की पंखुड़ियों को वे स्थानीय बाजार एवं नागपुर बाजार में लगभग 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय कर रही हैं। श्रीमती अनिता पाठे ने बताया कि पॉलीहाउस स्थापित करने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लिया था। योजना के अंतर्गत लागत का 50 प्रतिशत अनुदान मिलने से उन्हें काफी आर्थिक सहयोग मिला। गुलाब की अच्छी गुणवत्ता और बेहतर बाजार मिलने से परिवार की आमदनी में वृद्धि हुई है। उन्होंने अपने खेत पर दो लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए श्रीमती अनिता पाठे ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उद्यानिकी विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीएम एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत मिली आर्थिक सहायता, विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्हें संरक्षित खेती शुरू करने का अवसर मिला। आज गुलाब की खेती उनके परिवार के लिए आय का बेहतर माध्यम बन गई है।
उन्होंने अन्य किसानों से भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक एवं संरक्षित खेती अपनाने की अपील की। श्रीमती अनिता पाठे की सफलता यह दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ, आधुनिक तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन अपनाकर किसान खेती को लाभ का व्यवसाय बनाते हुए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकते हैं।



