जब मेहनत को शासन की योजनाओं का संबल मिलता है, तो छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी आत्मनिर्भरता की मजबूत राह बना सकता है। बुरहानपुर जिले के देवेन्द्र नत्थु महाजन की कहानी इसका उदाहरण है। लघु सीमांत कृषक देवेन्द्र ने खेती के साथ पशुपालन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना का लाभ लिया और 6 मुर्रा भैंसों से अपना डेयरी व्यवसाय शुरू किया।

आज वे दूध विक्रय के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर रहे है।देवेन्द्र महाजन बताते हैं कि योजना का लाभ लेने से पहले वे खेती के साथ सीमित स्तर पर पशुपालन करते थे। पशुपालन व्यवसाय को विस्तार देने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक संसाधन सीमित होने के कारण अधिक पशु खरीदना संभव नहीं था। इसी दौरान उन्हें पशुपालन विभाग के माध्यम से आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना की जानकारी मिली।

योजना के अंतर्गत आवेदन कर उन्होंने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।योजना के तहत आवेदन स्वीकृत होने पर देवेन्द्र को 4.50 लाख रुपये का बैंक ऋण प्राप्त हुआ तथा पशुपालन विभाग द्वारा 1.50 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया। इस सहायता से उन्होंने ग्राम चापोरा में अपने डेयरी व्यवसाय को विस्तार दिया और मुर्रा नस्ल की 6 भैंसें खरीदीं।लाभार्थी देवेन्द्र ने पशुओं के पालन-पोषण, आहार और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया।

धीरे-धीरे दूध उत्पादन बढ़ा और डेयरी व्यवसाय ने गति पकड़ना शुरू किया। उन्हें खेती के साथ आय का एक अतिरिक्त और नियमित साधन मिला है। लाभार्थी देवेन्द्र कहते हैं कि, योजना ने मुझे अपना व्यवसाय खड़ा करने का अवसर और आगे बढ़ने का विश्वास भी दिया। पहले आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण पशुपालन का विस्तार करना कठिन लगता था, लेकिन योजना का लाभ मिलने के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।

अब देवेन्द्र का लक्ष्य अपने डेयरी व्यवसाय को और विस्तारित करना है।पशुपालन विभाग अंतर्गत संचालित आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना लघु सीमांत कृषकों के लिए एक अच्छी योजना है, जिसके अंतर्गत छोटे पशुपालक जिनके पास अधिक भूमि नहीं है, तथा वे छोटे स्तर से पशुपालन प्रारंभ करना चाहते है, वे इस योजना का लाभ ले सकते है, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 36 का लक्ष्य दिया गया था, जिसकी पूर्ति करते हुए 36 हितग्राहियों को लाभन्वित किया जा चुका है, तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को प्राप्त 14 के लक्ष्य की पूर्ति की जाकर अनुदान राशि स्वीकृति जारी की जा चुकी है।